HomeDigital Guides & EarningsDigiLocker क्या है और इसका उपयोग कैसे करें? (Complete Guide)

DigiLocker क्या है और इसका उपयोग कैसे करें? (Complete Guide)

आज के डिजिटल दौर में भी क्या आप अपने साथ ओरिजिनल आधार कार्ड, पैन कार्ड या गाड़ी के कागजात (RC) जेब में लेकर घूमते हैं? क्या आपको हमेशा यह डर सताता रहता है कि कहीं ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स खो न जाएं? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम आने वाला है।

भारत सरकार ने देश को डिजिटल बनाने और कागजी झंझटों से मुक्ति दिलाने के लिए एक बेहद शानदार सुविधा शुरू की है, जिसका नाम है DigiLocker (डिजिलॉकर)। यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपके सभी जरूरी सरकारी और गैर-सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का काम करता है।

इस आर्टिकल में हम बेहद आसान शब्दों में समझेंगे कि डिजिलॉकर क्या है, यह कैसे काम करता है, इसमें अकाउंट कैसे बनाएं और सबसे जरूरी बात—क्या ट्रैफिक पुलिस के मांगने पर डिजिलॉकर के डॉक्यूमेंट्स दिखाना कानूनी रूप से मान्य है या नहीं?

DigiLocker क्या है? (What is DigiLocker in Hindi)

सरल शब्दों में कहें तो DigiLocker भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल लॉकर या क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म है। जैसे आप अपने पैसे बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखते हैं, ठीक वैसे ही आप अपने जरूरी सर्टिफिकेट्स और डॉक्यूमेंट्स को इस डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं।

यह आपके आधार नंबर से लिंक होता है। इसकी मदद से आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी की आरसी (RC), पैन कार्ड, स्कूल-कॉलेज की मार्कशीट और इंश्योरेंस के पेपर्स जैसे सैकड़ों डॉक्यूमेंट्स को सीधे डिजिटल फॉर्मेट में डाउनलोड करके रख सकते हैं।

DigiLocker का मूल उद्देश्य:

  • Paperless Governance: कागजी दस्तावेजों के उपयोग को कम करना।
  • Authenticity: नकली या फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर लगाम लगाना।
  • Easy Access: नागरिकों को कभी भी, कहीं भी अपने वैध दस्तावेज मोबाइल पर ही एक्सेस करने की आजादी देना।

क्या DigiLocker सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्य है?

कई लोगों के मन में यह सबसे बड़ा सवाल होता है कि, अगर कोई पुलिस वाला या अधिकारी हमसे ओरिजिनल डॉक्यूमेंट मांगे और हम मोबाइल में डिजिलॉकर दिखाएं, तो क्या वो इसे मानेंगे?”

इसका सीधा और साफ जवाब है—हां, यह 100% कानूनी रूप से मान्य है।

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) के नियम 9A के तहत, डिजिलॉकर ऐप में उपलब्ध ‘Issued Documents’ (जारी किए गए दस्तावेज़ों) को मूल भौतिक दस्तावेजों (Original Physical Documents) के बराबर ही कानूनी मान्यता प्राप्त है।

परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने भी बकायदा नोटिफिकेशन जारी करके ट्रैफिक पुलिस को यह निर्देश दिया है कि चेकिंग के दौरान डिजिलॉकर या mParivahan ऐप में दिखाए गए ड्राइविंग लाइसेंस और RC को पूरी तरह से वैध माना जाए। इसलिए आपको चालान कटने का कोई डर रखने की जरूरत नहीं है।

साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद सेफ है क्योंकि इसमें लॉगिन करने के लिए आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP और 6-डिजिट के सिक्योरिटी पिन की जरूरत होती है। यानी आपके अलावा इसे कोई और नहीं खोल सकता।

DigiLocker का उपयोग करने के मुख्य फायदे (Key Benefits)

डिजिलॉकर सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि यह आपकी जेब का बोझ कम करने का एक बेहतरीन जरिया है। इसके इस्तेमाल के कई बड़े फायदे हैं:

  • दस्तावेज खोने या फटने का डर खत्म: अक्सर जरूरी कागजात पुराने होने पर फट जाते हैं या सफर के दौरान खोने का डर रहता है। डिजिलॉकर में रहने पर आपके डॉक्यूमेंट्स हमेशा सुरक्षित और नए जैसे बने रहते हैं।
  • कहीं भी, कभी भी उपलब्धता: अगर आप घर से दूर हैं और अचानक किसी काम के लिए पैन कार्ड या मार्कशीट की जरूरत पड़ जाए, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप तुरंत अपने फोन से इसे डाउनलोड करके शेयर कर सकते हैं।
  • समय और पैसों की बचत: किसी भी सरकारी या प्राइवेट काम के लिए अब आपको डॉक्यूमेंट्स की जेरॉक्स (Photocopy) करवाने और उन्हें अटेस्ट करवाने की झंझट से मुक्ति मिलती है।
  • फर्जीवाड़े पर रोक: चूंकि इसमें डॉक्यूमेंट्स सीधे जारी करने वाली संस्था (जैसे- CBSE, Income Tax Department, RTO) के सर्वर से सीधे आपके अकाउंट में आते हैं, इसलिए इनके फर्जी होने का कोई चांस नहीं रहता।
  • फ्री क्लाउड स्टोरेज: सरकार हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत फाइलें अपलोड करने के लिए 1 GB का फ्री स्पेस देती है।

DigiLocker पर अकाउंट कैसे बनाएं? (Step-by-Step Registration Process)

डिजिलॉकर का इस्तेमाल शुरू करने के लिए आपको इस पर अपना एक अकाउंट बनाना होगा। यह प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें मुश्किल से 2 मिनट का समय लगता है।

अकाउंट बनाने के लिए जरूरी चीजें:

  1. आपका आधार कार्ड नंबर।
  2. आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर (जिस पर OTP आएगा)।

DigiLocker account kaise banaye step by step

स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:

  • स्टेप 1: ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट पर जाएं सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के Google Play Store (Android) या Apple App Store (iOS) पर जाकर DigiLocker ऐप डाउनलोड कर लें। आप चाहें तो इसकी ऑफिशियल वेबसाइट gov.in पर भी जा सकते हैं।
  • स्टेप 2: ‘Get Started’ पर क्लिक करें ऐप ओपन करने के बाद आपको Get Started का ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें और फिर Create Account के बटन को चुनें।
  • स्टेप 3: अपनी बेसिक डिटेल्स भरें अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको अपनी सही जानकारी भरनी है जो आपके आधार कार्ड में लिखी है:
    • आपका पूरा नाम (Full Name)
    • जन्म तिथि (Date of Birth)
    • जेंडर (Male/Female/Other)
    • मोबाइल नंबर (वही नंबर डालें जो आधार से लिंक हो)
    • 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन (यह आपका पासवर्ड होगा, इसे याद रखें)
    • ईमेल आईडी (Email ID)
    • आधार नंबर (Aadhaar Number)
  • स्टेप 4: OTP वेरिफिकेशन करें सारी डिटेल्स भरने के बाद Submit पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसे बॉक्स में डालकर वेरिफाई करें।
  • स्टेप 5: यूजरनेम सेट करें आखिर में, ऐप आपको एक यूनिक यूजरनेम (Username) बनाने के लिए कहेगा। अपना पसंदीदा यूजरनेम सेट करें और सबमिट कर दें।

बधाई हो! आपका डिजिलॉकर अकाउंट सफलतापूर्वक बन चुका है और अब आप लॉगिन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बिल्कुल, चलिए अब सबसे महत्वपूर्ण भाग की तरफ बढ़ते हैं। इसमें हम रीडर्स को समझाएंगे कि DigiLocker का असल में उपयोग कैसे करना है और Issued और Uploaded Documents में क्या अंतर होता है। यह सेक्शन यूजर के सबसे बड़े कन्फ्यूजन को दूर करेगा।

DigiLocker का उपयोग कैसे करें? (How to Use DigiLocker)

डिजिलॉकर अकाउंट बन जाने के बाद इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान है। जब आप ऐप में लॉगिन करते हैं, तो आपको मुख्य रूप से दो तरह के सेक्शन्स या फीचर्स दिखाई देते हैं:

  1. Issued Documents (जारी किए गए दस्तावेज़)
  2. Uploaded Documents (अपलोड किए गए दस्तावेज़)

इन दोनों का मतलब और इस्तेमाल करने का तरीका अलग-अलग है, जिसे समझना बहुत जरूरी है।

1. Issued Documents: सरकारी विभागों से सीधे डॉक्यूमेंट्स कैसे लें?

यह डिजिलॉकर का सबसे मुख्य और दमदार फीचर है। यहाँ आपको खुद से कोई फोटो खींचकर या स्कैन करके डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं करना होता। इसके बजाय, डिजिलॉकर सीधे उस सरकारी विभाग (Issuer) के डेटाबेस से आपके असली डॉक्यूमेंट के डिजिटल वर्जन को फेच (Fetch) यानी ढूंढकर आपके अकाउंट में जोड़ देता है।

डॉक्यूमेंट डाउनलोड करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:

  • स्टेप 1: डिजिलॉकर ऐप खोलें और नीचे दिए गए ‘Search’ आइकॉन पर क्लिक करें।
  • स्टेप 2: अब आपको अलग-अलग कैटेगरी दिखाई देंगी (जैसे- Central Government, State Government, Education, Banking & Insurance)। आप ऊपर बने सर्च बार में सीधे उस डॉक्यूमेंट का नाम भी लिख सकते हैं जिसे आप ढूंढ रहे हैं (जैसे- “Driving License” या “PAN Verification Record”)।
  • स्टेप 3: मान लीजिए आप अपना पैन कार्ड लिंक करना चाहते हैं, तो ‘Income Tax Department’ पर क्लिक करें और ‘PAN Verification Record’ को चुनें।
  • स्टेप 4: अब अपना पैन नंबर और पैन कार्ड पर लिखा अपना नाम दर्ज करें।
  • स्टेप 5: नीचे दिए गए ‘Get Document’ बटन पर क्लिक करें।

कुछ ही सेकंड्स में डिजिलॉकर आपके पैन कार्ड को वेरिफाई कर लेगा और वह आपके ‘Issued Documents’ वाले सेक्शन में हमेशा के लिए सेव हो जाएगा। इस डॉक्यूमेंट पर एक डिजिटल सिग्नेचर और क्यूआर कोड (QR Code) होता है, जो इसे पूरी तरह कानूनी रूप से असली बनाता है। आप इसी तरह अपनी 10वीं-12वीं की मार्कशीट, गाड़ी की आरसी और इंश्योरेंस भी डाउनलोड कर सकते हैं।

How to download driving license in DigiLocker

2. Uploaded Documents: अपने पर्सनल डॉक्यूमेंट्स कैसे सेव करें?

‘Issued’ के अलावा, अगर आपके पास कुछ ऐसे पर्सनल पेपर्स हैं जो किसी सरकारी लिस्ट में नहीं हैं (जैसे- आपकी शादी का कार्ड, कोई पुराना सर्टिफिकेट, रेंट एग्रीमेंट या खुद का फोटो) और आप उन्हें सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आप Drive वाले ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • इसके लिए ऐप में दिए गए ‘Menu’ या ‘Drive’ ऑप्शन पर जाएं।
  • यहाँ आप अलग-अलग फोल्डर्स (Documents, Education, Health) बना सकते हैं।
  • Upload File पर क्लिक करके अपने फोन की गैलरी से या कैमरे से फोटो खींचकर PDF, JPEG या PNG फॉर्मेट में फाइल अपलोड कर सकते हैं।
  • ध्यान दें: इस सेक्शन में आपके द्वारा खुद अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स को ट्रैफिक पुलिस या अन्य अधिकारी ‘ओरिजिनल’ के रूप में स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हैं, क्योंकि यह केवल आपके पर्सनल स्टोरेज (क्लाउड स्टोरेज) के लिए है।

DigiLocker में कितनी स्टोरेज स्पेस मिलती है?

डिजिलॉकर पर हर भारतीय नागरिक को सरकार की तरफ से 1 GB (गीगाबाइट) का फ्री क्लाउड स्टोरेज स्पेस मिलता है।

चूंकि पीडीएफ (PDF) या फोटो फाइल्स का साइज बहुत छोटा (कुछ KB या MB) होता है, इसलिए 1 GB का यह स्पेस आपके सैकड़ों जरूरी दस्तावेजों को जिंदगी भर सुरक्षित रखने के लिए काफी से ज्यादा है। इसके लिए आपको कोई मंथली या इयरली चार्ज भी नहीं देना पड़ता—यह पूरी तरह मुफ्त है।

DigiLocker और mParivahan ऐप में क्या अंतर है?

अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि गाड़ी के कागज दिखाने के लिए डिजिलॉकर अच्छा है या एम-परिवहन (mParivahan)। हालांकि दोनों ही ऐप भारत सरकार के हैं और दोनों के डॉक्यूमेंट्स कानूनी रूप से मान्य हैं, लेकिन इनमें कुछ बुनियादी फर्क हैं:

फीचर/अंतरDigiLocker (डिजिलॉकर)mParivahan (एम-परिवहन)
उद्देश्ययह एक ऑल-इन-वन डिजिटल लॉकर है जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, टैक्स और वाहन सभी प्रकार के दस्तावेज रखे जा सकते हैं।यह विशेष रूप से केवल परिवहन विभाग (सड़क और वाहन) से जुड़ी सेवाओं के लिए ही बनाया गया है।
दस्तावेजों के प्रकारआधार, पैन, मार्कशीट, एलआईसी पॉलिसी, आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि (सभी कुछ)।केवल ड्राइविंग लाइसेंस (DL), गाड़ी की आरसी (RC), और वाहन का बीमा (Insurance)।
स्टोरेज स्पेसइसमें 1 GB का पर्सनल क्लाउड स्टोरेज (Drive) मिलता है।इसमें अलग से कोई पर्सनल फाइल अपलोड करने का विकल्प नहीं मिलता।

 

कौन सा बेहतर है? अगर आप सिर्फ गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग से बचना चाहते हैं, तो mParivahan एक अच्छा और क्विक ऑप्शन है। लेकिन अगर आप अपने जीवन के सभी जरूरी सरकारी पेपर्स एक ही जगह सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो DigiLocker सबसे बेहतरीन ऑल-राउंडर ऐप है।

Is DigiLocker documents valid for traffic police

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Frequently Asked Questions)

गूगल सर्च में ट्रैफिक बढ़ाने और ए़डसेन्स अप्रूवल के लिए अक्सर पूछे जाने वाले ये सवाल बहुत काम आते हैं। आइए लोगों के मन में उठने वाले कुछ मुख्य सवालों के जवाब जानते हैं:

Q1. क्या डिजिलॉकर का इस्तेमाल करने के लिए कोई फीस देनी होती है? उत्तर: नहीं, डिजिलॉकर भारत सरकार की एक मुफ्त सेवा है। इसके रजिस्ट्रेशन या इस्तेमाल के लिए नागरिकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाता।

Q2. क्या बिना इंटरनेट के भी डिजिलॉकर में डॉक्यूमेंट्स दिखाए जा सकते हैं? उत्तर: हां! एक बार जब आप इंटरनेट चालू करके अपने डॉक्यूमेंट्स को ‘Issued Documents’ सेक्शन में डाउनलोड (फेच) कर लेते हैं, तो वे ऐप में ऑफलाइन भी सेव रहते हैं। आप बिना इंटरनेट के भी उन्हें किसी को दिखा सकते हैं।

Q3. अगर मेरा मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो क्या मैं डिजिलॉकर इस्तेमाल कर सकता हूँ? उत्तर: डिजिलॉकर में अकाउंट बनाने और सरकारी संस्थाओं से असली डॉक्यूमेंट्स फेच करने के लिए आधार कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है, क्योंकि वेरिफिकेशन के लिए उसी नंबर पर ओटीपी (OTP) आता है।

Q4. क्या हम डिजिलॉकर में नॉमिनी (Nominee) जोड़ सकते हैं? उत्तर: हां, सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजिलॉकर में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी है, ताकि आपके बाद आपके परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य आपके आवश्यक दस्तावेजों तक पहुंच सके।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के डिजिटल इंडिया के दौर में DigiLocker हर नागरिक के स्मार्टफोन में होना ही चाहिए। यह न केवल हमारी जेब से भारी-भरकम फाइलों और कागजातों का बोझ कम करता है, बल्कि सफर के दौरान या किसी इमरजेंसी में हमारे कीमती समय को भी बचाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह भारत सरकार द्वारा प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे फर्जीवाड़े और कागज खोने की चिंता हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।

अगर आपने अभी तक अपना डिजिलॉकर अकाउंट नहीं बनाया है, तो आज ही इस आर्टिकल में बताए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना डिजिटल अकाउंट बनाएं और पेपरलेस लाइफ की शुरुआत करें।

Most Popular