स्वास्थ्य सेवा (Healthcare Sector) में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए नर्सिंग एक बेहद सम्मानित और सुरक्षित विकल्प है। यदि आप 12वीं के बाद कम समय और कम बजट में मेडिकल फील्ड में प्रवेश करना चाहते हैं, तो GNM (General Nursing and Midwifery) कोर्स आपके लिए बेहतरीन जरिया है।
इस विस्तृत गाइड में हम GNM कोर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे—योग्यता, फीस, सिलेबस, एडमिशन प्रक्रिया, करियर विकल्प और 2026 में मिलने वाली सैलरी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
GNM कोर्स क्या है? (What is GNM Course?)
GNM का फुल फॉर्म General Nursing and Midwifery (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) होता है। यह 3 साल की अवधि का डिप्लोमा कोर्स है, जिसके बाद 6 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है (कुछ राज्यों में अब यह पूरे 3 साल के इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क में आती है)।
इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मरीजों की देखभाल, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid), प्रसव (Midwifery), और अस्पताल प्रबंधन में निपुण बनाना है। यह कोर्स पूरा करने के बाद आप एक रजिस्टर्ड नर्स (Registered Nurse – RN) के रूप में काम कर सकते हैं।
GNM कोर्स की मुख्य झलकियाँ (Highlights)
| पैरामीटर | विवरण |
| कोर्स का नाम | जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) |
| कोर्स का प्रकार | डिप्लोमा (Diploma) |
| अवधि | 3 वर्ष |
| न्यूनतम योग्यता | 10+2 (40-45% अंकों के साथ) |
| उम्र सीमा | 17 से 35 वर्ष |
| एडमिशन प्रक्रिया | मेरिट बेस / राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा |
| औसत कोर्स फीस | ₹30,000 से ₹1,500,000 प्रति वर्ष |
| शुरुआती सैलरी | ₹15,000 से ₹35,000 प्रति माह |
GNM कोर्स क्यों करें? (Benefits of GNM Course)
मेडिकल क्षेत्र में त्वरित प्रवेश: B.Sc Nursing (4 वर्ष) की तुलना में यह कम समय में पूरा होने वाला डिप्लोमा है।
रोजगार की 100% गारंटी: सरकारी और निजी अस्पतालों में नर्सों की मांग हमेशा बनी रहती है।
सामाजिक सम्मान और सेवा: यह पेशा आपको समाज की सेवा करने का सीधा अवसर देता है।
विदेश में करियर की संभावनाएं: GNM के बाद अनुभव प्राप्त करके आप कनाडा, यूके, और खाड़ी देशों (Gulf Countries) में भी नौकरी पा सकते हैं।
GNM कोर्स के लिए पात्रता और योग्यता (Eligibility Criteria 2026)
इंडियन नर्सिंग काउंसिल (Indian Nursing Council – INC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार GNM में एडमिशन के लिए निम्नलिखित योग्यताएं आवश्यक हैं:
शैक्षणिक योग्यता:
छात्र को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) उत्तीर्ण होना चाहिए।
12वीं में कम से कम 40% से 45% अंक होने अनिवार्य हैं (आरक्षित वर्गों के लिए छूट उपलब्ध है)।
स्ट्रीम (Stream): प्राथमिकता Science (PCB – Physics, Chemistry, Biology) और अंग्रेजी विषय वाले छात्रों को दी जाती है। हालांकि, कई राज्यों में Arts और Commerce के छात्र भी पात्र होते हैं यदि उन्होंने 12वीं में अंग्रेजी पढ़ी हो।
आयु सीमा (Age Limit):
न्यूनतम आयु: 17 वर्ष (प्रवेश वर्ष के 31 दिसंबर तक)।
अधिकतम आयु: 35 वर्ष।
शारीरिक स्वास्थ्य: छात्र का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है।
GNM एडमिशन प्रक्रिया 2026 (Admission Process)
GNM कोर्स में एडमिशन दो मुख्य तरीकों से होता है:
1. मेरिट आधारित एडमिशन (Merit-Based Admission)
अधिकांश प्राइवेट कॉलेज और कुछ राज्य सरकारें 12वीं कक्षा के अंकों (Board Marks) के आधार पर कट-ऑफ जारी करती हैं और सीधे एडमिशन देती हैं।
2. प्रवेश परीक्षा आधारित (Entrance Exam)
कई राज्य सरकारें सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित करती हैं।
प्रमुख राज्य स्तरीय GNM एंट्रेंस एग्जाम:
UP GNM Nursing Admission: उत्तर प्रदेश राज्य स्वास्थ्य विभाग
WB GNM/ANM Exam: पश्चिम बंगाल
MP GNM Entrance: मध्य प्रदेश
Rajasthan GNM Admission: राजस्थान स्वास्थ्य विभाग
BHU/AIIMS Nursing Entrance Exams
GNM कोर्स सिलेबस (Year-Wise Syllabus in Hindi)
GNM के 3 साल के पाठ्यक्रम को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में विभाजित किया गया है:
प्रथम वर्ष (First Year Syllabus)
Anatomy & Physiology (शरीर रचना और क्रिया विज्ञान): मानव शरीर के अंगों की बनावट और उनके काम करने का तरीका।
Microbiology (सूक्ष्म जीव विज्ञान): बैक्टीरिया, वायरस और संक्रमण नियंत्रण।
Psychology & Sociology (मनोविज्ञान और समाजशास्त्र): मरीज के व्यवहार और सामाजिक पृष्ठभूमि को समझना।
Fundamentals of Nursing (नर्सिंग के मूल सिद्धांत): मरीजों की प्राथमिक देखभाल, बेड मेकिंग, और वाइटल साइंस चेक करना।
First Aid & Community Health Nursing-1: प्राथमिक चिकित्सा और सामुदायिक स्वास्थ्य।
Personal Hygiene & Environmental Hygiene: व्यक्तिगत और पर्यावरणीय स्वच्छता।
द्वितीय वर्ष (Second Year Syllabus)
Medical-Surgical Nursing – I & II (मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग): विभिन्न बीमारियों के लक्षण, उनके इलाज और सर्जरी के दौरान मरीज की देखभाल।
Mental Health & Psychiatric Nursing (मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग): मानसिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की देखभाल।
Child Health Nursing / Paediatrics (बाल स्वास्थ्य नर्सिंग): बच्चों और नवजात शिशुओं की बीमारियां और देखभाल।
तृतीय वर्ष (Third Year Syllabus)
Midwifery & Gynaecological Nursing (मिडवाइफरी और स्त्री रोग नर्सिंग): गर्भावस्था, सुरक्षित प्रसव (Delivery) और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी विषय।
Community Health Nursing – II: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।
Nursing Education, Research & Statistics: नर्सिंग शिक्षा के सिद्धांत और रिसर्च।
6 Months Internship (व्यावहारिक इंटर्नशिप): वार्ड ड्यूटी, आईसीयू (ICU), ऑपरेशन थिएटर (OT) और लेबर रूम में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग।
GNM बनाम ANM बनाम B.Sc Nursing: अंतर समझें
अक्सर छात्र इन तीन कोर्सेस के बीच भ्रमित हो जाते हैं। नीचे दिए गए टेबल से सही निर्णय लें:
| पैरामीटर | ANM | GNM | B.Sc Nursing |
| कोर्स का स्तर | डिप्लोमा | डिप्लोमा | बैचलर डिग्री |
| अवधि | 2 वर्ष | 3 वर्ष | 4 वर्ष |
| योग्यता | 10+2 (Arts/Science) | 10+2 (Science/Arts) | 10+2 (Science PCB) |
| केवल महिलाओं के लिए? | हाँ (मुख्यतः) | पुरुष एवं महिला दोनों | पुरुष एवं महिला दोनों |
| करियर स्कोप | सीमित (गांव/PHC) | मध्यम (अस्पताल/क्लिनिक) | उच्च (टीचिंग/अस्पताल/विदेश) |
GNM के बाद करियर विकल्प और जॉब प्रोफाइल (Career Scope)
GNM कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने और राज्य नर्सिंग काउंसिल (State Nursing Council) में रजिस्ट्रेशन के बाद आप निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर सकते हैं:
Staff Nurse (स्टाफ नर्स): अस्पतालों में मरीजों की नियमित देखभाल करना।
ICU / OT Nurse: क्रिटिकल केयर और ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों की सहायता करना।
Community Health Officer (CHO): सरकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती।
Home Nurse: गंभीर मरीजों की घर पर देखभाल।
Industrial Nurse: बड़ी कंपनियों और कारखानों में कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल।
Military Nursing Services (MNS): भारतीय सेना के अस्पतालों में सेवाएं देना।
GNM के बाद सैलरी कितनी मिलती है? (Salary Details 2026)
GNM नर्स की सैलरी उनके अनुभव, अस्पताल के प्रकार और स्थान पर निर्भर करती है:
प्राइवेट सेक्टर (Private Hospitals): शुरुआत में ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह। 2-3 साल के अनुभव के बाद ₹30,000 से ₹45,000।
गवर्नमेंट सेक्टर (Government Hospitals/CHO): सरकारी नौकरियों में शुरुआती सैलरी ₹35,000 से ₹65,000 प्रति माह (पे स्केल और भत्तों के आधार पर) होती है।
विदेशों में सैलरी: यदि आप NCLEX-RN या OET परीक्षा पास करके यूके, यूएसए या दुबई जाते हैं, तो सैलरी ₹1.5 लाख से ₹3 लाख प्रति माह तक हो सकती है।
GNM के बाद आगे पढ़ाई के विकल्प (Higher Education)
यदि आप GNM के बाद अपनी डिग्री को बैचलर लेवल पर अपग्रेड करना चाहते हैं, तो आपके पास बेहतरीन विकल्प हैं:
Post Basic B.Sc Nursing: यह 2 साल का डिग्री कोर्स होता है जिसे GNM पास आउट छात्र कर सकते हैं। इसे करने के बाद आप B.Sc Nursing के बराबर माने जाएंगे।
M.Sc Nursing: Post Basic B.Sc के बाद आप मास्टर डिग्री करके नर्सिंग कॉलेज में लेक्चरर या प्रोफेसर बन सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs – Schema Ready)
Q1. क्या आर्ट्स (Arts) के छात्र GNM कोर्स कर सकते हैं?
उत्तर: हां, कई राज्यों और निजी संस्थानों में 12वीं आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र भी GNM के लिए पात्र हैं, शर्त यह है कि उनके 12वीं में न्यूनतम 40-45% अंक और अंग्रेजी विषय होना चाहिए।
Q2. GNM कोर्स की फीस कितनी होती है?
उत्तर: सरकारी कॉलेजों में फीस ₹10,000 से ₹30,000 कुल कोर्स की होती है। जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यह ₹1.5 लाख से ₹3.5 लाख तक हो सकती है।
Q3. GNM और B.Sc Nursing में कौन सा बेहतर है?
उत्तर: यदि आपके पास समय और बजट है, तो B.Sc Nursing बेहतर है क्योंकि यह एक डिग्री कोर्स है। लेकिन यदि आप कम समय में नौकरी पाना चाहते हैं, तो GNM सबसे अच्छा विकल्प है।
Q4. क्या GNM के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है?
उत्तर: हां, GNM पास छात्र NRHM, AIIMS, राज्य स्वास्थ्य विभाग, रेलवे मेडिकल और आर्मी नर्सिंग में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Q5. क्या पुरुष (Boys) GNM कोर्स कर सकते हैं?
उत्तर: हां, GNM कोर्स लड़का और लड़की दोनों कर सकते हैं।

