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मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना क्या है? (What is Meri Fasal Mera Byora Portal?)

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‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों की भूमि और उसमें बोई गई फसलों का सटीक और डिजिटल ब्यौरा एकत्र करना है।

पहले के समय में किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज कराने, गिरदावरी की जांच करने या मंडी में फसल बेचने के लिए पटवारियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। बिचौलियों के कारण वास्तविक किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल पाता था। इस पोर्टल के आने के बाद पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो गई है। अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से यह जानकारी दर्ज कर सकते हैं कि उन्होंने अपने खेत (खेवट/खसरा नंबर) में कौन-सी फसल कितनी जमीन (एकड़/कनाल) पर बोई है।

इस पोर्टल के मुख्य उद्देश्य (Key Objectives)

  1. किसान और भूमि का एकीकृत डेटाबेस: राज्य के सभी किसानों और उनकी कृषि योग्य भूमि का एक प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना।

  2. पारदर्शी फसल खरीद (Transparent MSP Procurement): यह सुनिश्चित करना कि केवल वास्तविक किसानों की फसल ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए।

  3. मुआवजा वितरण को आसान बनाना: बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या कीट प्रकोप से होने वाले नुकसान की स्थिति में सही किसान तक तुरंत राहत राशि पहुंचाना।

  4. सब्सिडी का सीधा लाभ (Direct Benefit Transfer): कृषि यंत्रों, उर्वरक, बीज और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की राशि बिचौलियों के बिना सीधे किसान के बैंक खाते (DBT) में भेजना।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के प्रमुख लाभ (Key Benefits for Farmers)

इस पोर्टल पर अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज करने से किसानों को निम्नलिखित प्रमुख लाभ मिलते हैं:

  • MSP पर फसल बेचने का अधिकार: खरीफ (धान, बाजरा, कपास, मक्का) और रबी (गेहूं, सरसों, चना, जौ) फसलों को मंडी में सरकारी भाव पर बेचने के लिए इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।

  • ई-क्षतिपूर्ति (e-Kshatipurti) का लाभ: यदि प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होती है, तो किसान नुकसान के 72 घंटे के भीतर इसी पोर्टल से मुआवजे का दावा कर सकते हैं।

  • ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना से जुड़ाव: जो किसान धान की जगह कम पानी वाली फसलें उगाते हैं या खेत को खाली छोड़ते हैं, उन्हें मिलने वाली 7,000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय प्रोत्साहन राशि का दावा इसी पोर्टल से होता है।

  • ई-खरीद गेट पास (e-Kharid Gate Pass): मंडी में फसल ले जाने के लिए तारीख और स्लॉट चुनने की सुविधा मिलती है, जिससे मंडियों में लंबी कतारें नहीं लगतीं।

  • J-Form डाउनलोड सुविधा: मंडी में फसल बिकने के तुरंत बाद किसान अपना डिजिटल J-Form और भुगतान का विवरण ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।

  • बीज और खाद पर छूट: प्रमाणित बीजों और सब्सिडी वाले उर्वरकों की खरीद के लिए पोर्टल का पंजीकृत डेटा इस्तेमाल किया जाता है।

पंजीकरण के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility Criteria)

  • मूल निवासी: आवेदक किसान हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  • किसान की श्रेणी: राज्य के भू-स्वामी (Landowners), काश्तकार (Tenant Farmers) और पट्टे या बटाई (Leased Land) पर खेती करने वाले सभी किसान पात्र हैं।

  • फसल की शर्त: किसान ने वर्तमान सीजन (खरीफ या रबी) में अपने खेत में वास्तविक रूप से फसल बोई हो।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents)

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले किसान भाइयों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  1. परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID): हरियाणा में इस योजना के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य है।

  2. आधिकारिक आधार कार्ड: किसान का 12 अंकों का आधार नंबर।

  3. सक्रिय मोबाइल नंबर: जो परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते से लिंक हो (OTP सत्यापन के लिए)।

  4. भूमि संबंधी दस्तावेज (Land Records):

    • जमाबंदी / फर्द की प्रति

    • मुरब्बा नंबर / खेवट नंबर / खसरा नंबर (किले का नंबर)

    • यदि जमीन बटाई/पट्टे पर है, तो भू-स्वामी का नाम और अनुबंध विवरण

  5. बैंक खाता विवरण (Bank Details):

    • बैंक पासबुक की प्रति (बैंक का नाम, शाखा, खाता संख्या और IFSC कोड)

    • ध्यान दें: बैंक खाता आधार से सीडेड (Seeded) और DBT इनेबल्ड होना चाहिए।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या स्वयं मोबाइल/कंप्यूटर से नीचे दिए गए चरणों का पालन करके रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले हरियाणा सरकार के आधिकारिक फसल पोर्टल fasal.haryana.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: किसान अनुभाग (Farmer Section) में प्रवेश करें

होमपेज पर उपलब्ध ‘किसान अनुभाग’ विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद ‘किसान पंजीकरण (हरियाणा)’ के बटन पर क्लिक करें।

स्टेप 3: पहचान सत्यापन (Family ID Verification)

  • अपना 8 अंकों का परिवार पहचान पत्र (Family ID) नंबर दर्ज करें और ‘Search’ पर क्लिक करें।

  • आपकी फैमिली आईडी से जुड़े सभी सदस्यों के नाम स्क्रीन पर दिखाई देंगे।

  • जिस किसान के नाम से फसल दर्ज करनी है, उसका नाम चुनें और ‘Get OTP’ पर क्लिक करें।

  • मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करके सत्यापित (Verify) करें।

स्टेप 4: भूमि और फसल का विवरण दर्ज करें (Land & Crop Details)

  • क्षेत्र का चयन: अपने जिले, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें।

  • जमीन की खोज: आप मुरब्बा नंबर, खसरा नंबर या भू-स्वामी के नाम से अपनी जमीन खोज सकते हैं।

  • फसल का विवरण: चयनित खसरा/किले नंबर में आपने कौन-सी फसल (जैसे गेहूं, सरसों, धान आदि) बोई है, उसका नाम, किस्म (Variety) और बुआई का सटीक क्षेत्रफल (एकड़/कनाल/मरला) दर्ज करें।

स्टेप 5: बैंक और मंडी विवरण भरें (Bank & Mandi Selection)

  • अपनी पासबुक के अनुसार बैंक खाता संख्या और IFSC कोड की जांच करें।

  • वह नजदीकी मंडी (Mandi) चुनें जहां आप अपनी फसल बेचने के लिए ले जाना चाहते हैं।

स्टेप 6: फॉर्म सबमिट करें और रसीद लें

सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक री-चेक करें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सबमिट होते ही आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा। इस पावती (Acknowledgement Receipt) को डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।

पट्टेदार या बटाईदार (Tenant Farmers) के लिए विशेष प्रक्रिया

यदि आप किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर बटाई या पट्टे पर खेती कर रहे हैं, तो भी आप इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं:

  • रजिस्ट्रेशन के समय ‘गैर-खुदकाश्त’ (Tenant) विकल्प चुनें।

  • असली जमीन मालिक (Landowner) का नाम और खसरा नंबर दर्ज करें।

  • सत्यापन प्रक्रिया के दौरान स्थानीय पटवारी या ग्राम स्तर की समिति द्वारा भौतिक जांच (Physical Verification) की जाएगी, जिसके बाद आपका पंजीकरण स्वीकृत कर लिया जाएगा।

ई-क्षतिपूर्ति (e-Kshatipurti) पोर्टल से फसल मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें?

प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति प्रणाली लागू की है:

  1. आवेदन की समय सीमा: फसल नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर पोर्टल पर सूचना दर्ज करना अनिवार्य है।

  2. आवेदन प्रक्रिया:

    • fasal.haryana.gov.in पर जाकर ‘ई-क्षतिपूर्ति’ लिंक पर क्लिक करें।

    • अपनी Family ID और मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।

    • जिस किले/खसरा नंबर में फसल का नुकसान हुआ है, उसका चयन करें और नुकसान का अनुमानित प्रतिशत (जैसे 25-50%, 50-75%, 75-100%) चुनें।

  3. सत्यापन और भुगतान (Verification & Payout):

    • आवेदन के बाद पटवारी, कृषि विकास अधिकारी (ADO) और एसडीएम (SDM) की टीम मौके पर जाकर गिरदावरी जांच करती है।

    • रिपोर्ट अप्रूव होने के बाद सरकार द्वारा निर्धारित प्रति एकड़ मुआवजा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर कर दी जाती है।

e-Kharid Gate Pass और J-Form कैसे डाउनलोड करें?

1. ई-खरीद गेट पास (Gate Pass)

जब फसल पककर तैयार हो जाए और मंडी में खरीद शुरू हो:

  • किसान पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी सुविधानुसार मंडी जाने की तारीख (Approved Date Slot) चुन सकते हैं।

  • स्लॉट कन्फर्म होने पर ऑनलाइन Gate Pass Token जनरेट होता है, जिसे दिखाकर ट्रैक्टर या ट्रॉली को मंडी में प्रवेश मिलता है।

2. J-Form डाउनलोड करना

  • मंडी में आढ़ती/सरकारी एजेंसी द्वारा फसल का वजन और ग्रेडिंग पूरी होने के बाद डिजिटल J-Form जारी किया जाता है।

  • किसान अपने लॉगिन डैशबोर्ड से ‘Download J-Form’ विकल्प पर क्लिक करके अपनी बिक्री का आधिकारिक बिल और भुगतान स्थिति (Payment Status) देख सकते हैं।

पंजीकरण में होने वाली सामान्य गलतियां और उनका समाधान

  1. गलत खसरा/किला नंबर दर्ज करना: इसके कारण पटवारी वेरिफिकेशन में आवेदन रद्द हो सकता है। हमेशा अपनी जमाबंदी फर्द से मिलाकर ही नंबर दर्ज करें।

  2. बैंक खाता आधार से लिंक न होना: यदि आपका बैंक अकाउंट NPCI/DBT से लिंक नहीं है, तो सरकार द्वारा भेजा गया पैसा अटक सकता है। अपने बैंक में जाकर आधार सीडिंग अवश्य करवाएं।

  3. Family ID में नाम का अंतर: अगर परिवार पहचान पत्र और बैंक पासबुक में नाम का स्पेलिंग अलग है, तो पहले इसे अपडेट करवाएं।

हेल्प लाइन नंबर और सपोर्ट चैनल (Helpline & Support)

यदि आपको पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने, लॉगिन करने या ई-क्षतिपूर्ति क्लेम करने में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो आप नीचे दिए गए आधिकारिक हेल्पडेस्क पर संपर्क कर सकते हैं:

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-2117 / 1800-180-2060

  • हेल्पलाइन समय: सुबह 09:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक (कार्य दिवसों में)

  • आधिकारिक ईमेल आईडी: [email protected]

  • आधिकारिक पोर्टल URL: [https://fasal.haryana.gov.in](https://fasal.haryana.gov.in)

निष्कर्ष (Conclusion)

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल हरियाणा के किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल फसल बिक्री को आसान बनाता है, बल्कि प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करता है। यदि आपने अभी तक इस सीजन की फसल का पंजीकरण नहीं कराया है, तो अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)

Q1. क्या मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है?

उत्तर: हां, यदि आप हरियाणा की मंडियों में अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचना चाहते हैं, फसल नुकसान का मुआवजा पाना चाहते हैं या कृषि सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं, तो रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

Q2. मेरी फसल मेरा ब्यौरा की आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है?

उत्तर: इस योजना की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट fasal.haryana.gov.in है।

Q3. क्या पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र (Family ID) जरूरी है?

उत्तर: हां, हरियाणा के निवासियों के लिए पोर्टल पर किसान सत्यापन के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है।

Q4. अगर खेत किराए या बटाई पर लिया है, तो रजिस्ट्रेशन कौन करेगा?

उत्तर: बटाईदार या पट्टे पर खेती करने वाला किसान स्वयं पंजीकरण कर सकता है। पंजीकरण के समय उसे ‘काश्तकार/पट्टेदार’ का विकल्प चुनना होगा और वास्तविक भू-स्वामी का विवरण दर्ज करना होगा।

Q5. फसल नुकसान होने पर मुआवजे के लिए कितने दिन में आवेदन करना होता है?

उत्तर: प्राकृतिक आपदा (जलभराव, ओलावृष्टि आदि) से फसल नष्ट होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करानी होती है।

Q6. रजिस्ट्रेशन के बाद फसल का वेरिफिकेशन कौन करता है?

उत्तर: आपके द्वारा दर्ज की गई फसल का भौतिक और डिजिटल सत्यापन (Girdawari) संबंधित गांव के राजस्व पटवारी और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाता है।

Q7. क्या रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क (Fee) देना होता है?

उत्तर: नहीं, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क (Free) है।

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