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शरीर के किन 10 अहम अंगों के बिना भी इंसान जी सकता है सामान्य जीवन? जानें वैज्ञानिक कारण

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मेडिकल डिस्क्लेमर (Medical Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice), निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर की सलाह लें।

मानव शरीर (Human Body) प्रकृति की सबसे जटिल और अद्भुत संरचनाओं में से एक है। हमारे शरीर का हर अंग किसी न किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए बना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधुनिक मेडिकल साइंस (Medical Science) और मानव शरीर की अद्भुत अनुकूलन क्षमता (Adaptability) के कारण, इंसान अपने शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के बिना भी एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है?

जब किसी बीमारी, दुर्घटना या संक्रमण के कारण शरीर के किसी अंग को सर्जरी (Surgery) के जरिए बाहर निकालना पड़ता है, तो हमारा शरीर उस अंग की कमी को पूरा करने के लिए खुद को ढाल लेता है। इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में ‘बायोलॉजिकल कॉम्पेंसेशन’ (Biological Compensation) कहा जाता है।

इस विस्तृत लेख में हम वैज्ञानिक और चिकित्सीय दृष्टिकोण से जानेंगे कि मानव शरीर के वे कौन-से 10 प्रमुख अंग हैं, जिनके न होने पर भी इंसान जीवित रह सकता है और सर्जरी के बाद शरीर किस तरह कार्य करता है।

1. पित्ताशय (Gallbladder)

पित्ताशय का कार्य क्या है?

पित्ताशय (Gallbladder) नाशपाती के आकार का एक छोटा सा अंग होता है, जो पेट के दाहिने हिस्से में लिवर (Liver) के ठीक नीचे स्थित होता है। इसका मुख्य कार्य लिवर द्वारा बनाए गए पित्त रस (Bile Juice) को स्टोर करना और उसे गाढ़ा बनाना होता है। जब हम भोजन करते हैं (विशेषकर वसायुक्त या तैलीय भोजन), तो पित्ताशय इस रस को छोटी आंत में छोड़ता है, जिससे वसा (Fat) का पाचन आसानी से हो जाता है।

इसे कब निकाला जाता है?

पित्ताशय में पथरी (Gallstones) बनना एक बहुत ही सामान्य समस्या है। जब पथरी के कारण पित्त की नली में रुकावट आती है, असहनीय दर्द होता है या इन्फेक्शन (Cholecystitis) हो जाता है, तो डॉक्टर कोलेसिस्टेक्टॉमी (Cholecystectomy) सर्जरी के जरिए इसे शरीर से बाहर निकाल देते हैं।

पित्ताशय के बिना शरीर कैसे काम करता है?

पित्ताशय के निकल जाने से लिवर में पित्त रस बनना बंद नहीं होता। फर्क सिर्फ इतना पड़ता है कि अब पित्त रस स्टोर नहीं होता, बल्कि लिवर से सीधे छोटी आंत में लगातार टपकता रहता है।

  • जीवनशैली में बदलाव: पित्ताशय हटने के शुरुआती कुछ हफ्तों तक व्यक्ति को अधिक वसायुक्त, मसालेदार या तला हुआ खाना पचाने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। हालांकि, समय के साथ पाचन तंत्र इस बदलाव को अपना लेता है और व्यक्ति सामान्य आहार ले सकता है।

2. प्लीहा या तिल्ली (Spleen)

तिल्ली का कार्य क्या है?

प्लीहा (Spleen) पेट के बाएं हिस्से में पसलियों के नीचे स्थित एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) और रक्त संचार का एक बड़ा केंद्र है। यह पुरानी और क्षतिग्रस्त लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) को फ़िल्टर करके नष्ट करता है, प्लेटलेट्स और सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) को स्टोर करता है और शरीर को बैक्टीरिया से बचाता है।

इसे कब निकाला जाता है?

सड़क दुर्घटना या पेट में भारी चोट लगने पर तिल्ली के फटने (Ruptured Spleen) का खतरा सबसे ज्यादा होता है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) हो सकता है। इसके अलावा, रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों में इसे स्प्लेनेक्टॉमी (Splenectomy) प्रक्रिया द्वारा निकाला जाता है।

तिल्ली के बिना शरीर कैसे काम करता है?

तिल्ली के निकल जाने के बाद भी इंसान पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी सकता है। तिल्ली के मुख्य कार्यों को लिवर (Liver) और अस्थि मज्जा (Bone Marrow) आपस में बांट लेते हैं।

  • सावधानी: चूंकि तिल्ली इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती है, इसलिए इसे हटवाने वाले मरीजों में न्यूमोकोकल और मेनिन्गोकोकल जैसे बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा थोड़ा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों को नियमित टीके (Vaccinations) लगवाने की सलाह दी जाती है।

3. एपेंडिक्स (Appendix)

एपेंडिक्स का कार्य क्या है?

एपेंडिक्स एक छोटी, पतली ट्यूब जैसी संरचना होती है जो बड़ी आंत के शुरुआती हिस्से से जुड़ी होती है। विकासवादी जीवविज्ञान (Evolutionary Biology) के अनुसार, प्राचीन काल में जब इंसान कच्चे पौधे और छाल खाता था, तब यह सेल्यूलोज पचाने में मदद करता था। आज के समय में इसे एक ‘अवशेषी अंग’ (Vestigial Organ) माना जाता है, हालांकि आधुनिक अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें कुछ अच्छे गुट बैक्टीरिया (Gut Bacteria) पाए जाते हैं।

इसे कब निकाला जाता है?

जब एपेंडिक्स में रुकावट के कारण सूजन और इंफेक्शन हो जाता है, तो इस स्थिति को एपेंडिसाइटिस (Appendicitis) कहते हैं। यदि समय पर एपेंडेक्टॉमी (Appendectomy) सर्जरी करके इसे न निकाला जाए, तो यह पेट के अंदर फट सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

एपेंडिक्स के बिना जीवन:

एपेंडिक्स को शरीर से बाहर निकालने के बाद पाचन क्रिया या समग्र स्वास्थ्य पर जीरो प्रतिशत (0%) नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इंसान बिना किसी डॉक्टरी परहेज के अपना सामान्य जीवन जारी रख सकता है।

4. एक किडनी (Single Kidney / Renal Agenesis)

गुर्दे (Kidney) का कार्य क्या है?

मानव शरीर में दो किडनियां होती हैं जो पीठ के निचले हिस्से में पसलियों के नीचे स्थित होती हैं। इनका मुख्य काम खून में से अपशिष्ट पदार्थों (Toxins), अतिरिक्त पानी और सोडियम को छानकर पेशाब के रूप में बाहर निकालना है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करती हैं।

एक किडनी पर जीवन कैसे संभव है?

इंसान जन्मजात रूप से एक किडनी के साथ पैदा हो सकता है (Renal Agenesis), या फिर किडनी की बीमारी, कैंसर या किसी जरूरतमंद को किडनी दान (Kidney Donation) करने के कारण एक किडनी निकलवानी पड़ सकती है।

शरीर कैसे अनुकूलन (Compensate) करता है?

भगवान ने इंसान को जरूरत से ज्यादा किडनी क्षमता दी है। जब एक किडनी निकाल दी जाती है, तो बची हुई अकेली किडनी का आकार थोड़ा बढ़ जाता है (जिसे Compensatory Hypertrophy कहते हैं)। यह अकेली किडनी दोनों किडनियों का लगभग 75% से 80% काम अकेले ही संभाल लेती है।

  • सावधानी: एक किडनी वाले व्यक्ति को पर्याप्त पानी पीना चाहिए, अत्यधिक नमक और प्रोटीन के सेवन से बचना चाहिए तथा अपने ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करानी चाहिए।

5. थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland)

थायराइड ग्रंथि का कार्य क्या है?

थायराइड ग्रंथि तितली के आकार की एक अंतःस्रावी ग्रंथि (Endocrine Gland) है जो हमारी गर्दन के निचले हिस्से में होती है। यह थायरोक्सिन (T4) और ट्राइआयडोथायरोनिन (T3) हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म (चायापचय), हृदय गति, ऊर्जा स्तर और शरीर के तापमान को नियंत्रित करते हैं।

इसे कब निकाला जाता है?

थायराइड कैंसर, गलगंड (Goiter – ग्रंथि का बहुत बड़ा हो जाना) या गंभीर हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति में थायराइडेक्टॉमी (Thyroidectomy) द्वारा पूरी या आधी थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है।

थायराइड के बिना जीवन:

थायराइड ग्रंथि हटने के बाद शरीर खुद से थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इसका बहुत ही सरल समाधान खोज लिया है।

  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT): मरीज को रोजाना सुबह खाली पेट थायरोक्सिन की एक छोटी सी गोली (जैसे Levothyroxine) लेनी पड़ती है। यह गोली शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी को 100% पूरा कर देती है और व्यक्ति पूरी तरह से सामान्य और सक्रिय जीवन जीता है।

6. पेट या आमाशय (Stomach – Total Gastrectomy)

पेट का कार्य क्या है?

पेट (Stomach) हमारे पाचन तंत्र का एक मस्कुलर बैग जैसा अंग है। यह भोजन को मथने (Churning), उसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और पाचक एंजाइम मिलाकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने का काम करता है ताकि भोजन आगे चलकर आंतों में आसानी से पच सके।

इसे कब निकाला जाता है?

पेट का कैंसर (Stomach Cancer), गंभीर पेप्टिक अल्सर या जेनेटिक म्यूटेशन के कारण होने वाले कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए गेस्ट्रेक्टॉमी (Gastrectomy) सर्जरी की जाती है, जिसमें पेट के पूरे या कुछ हिस्से को हटा दिया जाता है।

पेट के बिना भोजन कैसे पचता है?

जब पूरे पेट को निकाल दिया जाता है, तो सर्जन भोजन की नली (Esophagus) को सीधे छोटी आंत (Small Intestine) से जोड़ देते हैं।

  • जीवनशैली में बदलाव: चूंकि अब भोजन को जमा करने के लिए ‘थैली’ (Stomach) नहीं होती, इसलिए मरीज एक बार में भारी खाना नहीं खा सकता। मरीज को दिन में 6 से 8 बार छोटे-छोटे टुकड़ों में संतुलित भोजन करना पड़ता है। छोटी आंत भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण का काम संभाल लेती है।

7. प्रजनन अंग (Reproductive Organs – Uterus, Ovaries & Testicles)

इनका कार्य क्या है?

महिलाओं में गर्भाशय (Uterus) और अंडाशय (Ovaries) तथा पुरुषों में अंडकोष (Testicles) मुख्य प्रजनन अंग हैं। ये न केवल संतानोत्पत्ति के लिए जिम्मेदार हैं, बल्कि एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण सेक्स हार्मोन्स का उत्पादन भी करते हैं।

इन्हें कब निकाला जाता है?

गर्भाशय में गांठ (Fibroids), अत्यधिक रक्तस्राव, एंडोमेट्रियोसिस या कैंसर के कारण महिलाओं में हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) की जाती है। इसी तरह पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर या गंभीर चोट लगने पर ऑर्किडेक्टॉमी (Orchidectomy) द्वारा अंडकोष हटाए जाते हैं।

इन अंगों के बिना जीवन:

इन अंगों को निकालने से व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

  • प्रभाव: इन अंगों के निकलने से व्यक्ति प्राकृतिक रूप से बच्चे पैदा करने की क्षमता खो देता है। यदि दोनों अंडाशय या अंडकोष निकाल दिए जाएं, तो हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिन्हें हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) की मदद से आसानी से संतुलित किया जा सकता है।

8. बड़ी आंत या कोलन (Colon / Large Intestine)

बड़ी आंत का कार्य क्या है?

बड़ी आंत हमारे पाचन तंत्र का अंतिम हिस्सा होती है। इसका मुख्य काम पचे हुए भोजन में से पानी, लवण (Salts) और इलेक्ट्रोलाइट्स को अवशोषित करना और बाकी बचे अपशिष्ट पदार्थों को मल (Stool) के रूप में शरीर से बाहर निकालना है।

इसे कब निकाला जाता है?

कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer), अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) या क्रोन की बीमारी (Crohn’s Disease) जैसी गंभीर आंतों की सूजन संबंधी बीमारियों में सर्जरी करके पूरी या आधी बड़ी आंत को हटा दिया जाता है। इस सर्जरी को कोलेक्टॉमी (Colectomy) कहते हैं।

बड़ी आंत के बिना शरीर कैसे काम करता है?

बड़ी आंत हटने के बाद, डॉक्टर छोटी आंत के अंतिम सिरे को पेट की दीवार पर एक छोटे से छेद (Stoma) के माध्यम से बाहर जोड़ देते हैं (जिसे Ileostomy कहते हैं), या फिर छोटी आंत को सीधे मलाशय (Anus) से जोड़ दिया जाता है (J-Pouch Surgery)।

  • अनुकूलन: शुरुआती दौर में मरीज को ढीला मल (Liquid Stool) आता है, लेकिन धीरे-धीरे छोटी आंत पानी को अवशोषित करने का काम सीख लेती है और स्थिति सामान्य हो जाती है।

9. टॉन्सिल्स (Tonsils)

टॉन्सिल्स का कार्य क्या है?

टॉन्सिल्स हमारी गले के पिछले हिस्से में स्थित दो छोटे ऊतक (Tissues) होते हैं। यह हमारे इम्यून सिस्टम का हिस्सा हैं, जो मुंह और नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया और वायरस को पकड़कर गले के संक्रमण से बचाते हैं।

इन्हें कब निकाला जाता है?

बच्चों और युवाओं में बार-बार गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खर्राटे या टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis) का गंभीर संक्रमण होने पर डॉक्टर टॉन्सिल्लेक्टॉमी (Tonsillectomy) सर्जरी द्वारा इन्हें बाहर निकाल देते हैं।

टॉन्सिल्स के बिना जीवन:

टॉन्सिल्स हटने से शरीर के इम्यून सिस्टम पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता, क्योंकि हमारे गले और शरीर में अन्य कई लिंफ नोड्स (Lymph Nodes) मौजूद होते हैं जो संक्रमण से लड़ने का काम बखूबी निभाते हैं।

10. एक फेफड़ा (Single Lung)

फेफड़ों का कार्य क्या है?

हमारे सीने में दो फेफड़े (Lungs) होते हैं। इनका प्राथमिक काम हवा से ऑक्सीजन लेकर उसे खून में मिलाना और खून से कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालना है।

इसे कब निकाला जाता है?

फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer), गंभीर टीबी (Tuberculosis) या फेफड़े में गहरे आघात/संक्रमण के कारण जब एक फेफड़ा पूरी तरह खराब हो जाता है, तो उसे न्यूमोनेक्टॉमी (Pneumonectomy) सर्जरी द्वारा निकाल दिया जाता है।

एक फेफड़े पर जीवन कैसे संभव है?

एक फेफड़ा निकलने के बाद भी इंसान जीवित रहता है। बचा हुआ एक फेफड़ा धीरे-धीरे फैलता है और अपनी क्षमता का विस्तार करता है।

  • क्षमता में बदलाव: हालांकि, एक फेफड़े वाले व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता (Lung Capacity) लगभग 70% से 80% तक ही रह जाती है। ऐसा व्यक्ति भारी एथलेटिक्स या अत्यधिक थकाऊ खेल नहीं खेल सकता, लेकिन वह अपनी दैनिक दिनचर्या आसानी से पूरी कर सकता है।

त्वरित तुलनात्मक तालिका (Quick Comparison Table)

अंग (Organ)मुख्य कार्य (Primary Function)हटने के बाद की शारीरिक व्यवस्था (Body’s Adaptation)
पित्ताशयपित्त रस स्टोर करनापित्त रस सीधे लिवर से आंतों में गिरता है।
तिल्ली (Spleen)ब्लड फ़िल्टर करना, इम्युनिटीलिवर और अस्थि मज्जा यह काम संभालते हैं।
एपेंडिक्सअवशेषी अंग / गुड बैक्टीरियाकोई प्रभाव नहीं, जीवन सामान्य रहता है।
एक किडनीखून से कचरा छाननाअकेली किडनी आकार बढ़ाकर 80% काम करती है।
थायराइडमेटाबॉलिज्म हार्मोन बनानारोजाना थायरोक्सिन की एक गोली लेनी होती है।
पेट (Stomach)खाना मथना और एसिड मिलानाछोटी आंत सीधे भोजन नली से जुड़ती है।
प्रजनन अंगजनन क्षमता और हार्मोन्ससंतानोत्पत्ति बंद; HRT द्वारा हार्मोन संतुलन।
बड़ी आंतपानी सोखना, मल बनानाछोटी आंत पानी सोखना सीख जाती है (Ileostomy/J-Pouch)।
टॉन्सिल्सगले के इन्फेक्शन से बचानाशरीर के अन्य लिंफ नोड्स सुरक्षा प्रदान करते हैं।
एक फेफड़ाऑक्सीजन और CO2 का आदान-प्रदानबचा हुआ फेफड़ा फैलकर 70-80% क्षमता देता है।

अंग निकलने के बाद स्वस्थ जीवन जीने के 5 सुनहरे नियम

यदि किसी चिकित्सीय कारण से आपके शरीर का कोई अंग निकाला गया है, तो नीचे दी गई बातों का ध्यान रखकर आप वर्षों तक सेहतमंद रह सकते हैं:

  1. संतुलित और सुपाच्य आहार: भारी, ज्यादा तला-भुना और रिफाइंड खाना खाने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

  2. समय पर दवाइयां (HRT / Vaccines): यदि थायराइड या हार्मोन संबंधी अंग हटा है, तो अपनी हार्मोन की गोलियां कभी न छोड़ें।

  3. नियमित डॉक्टर फॉलो-अप: साल में कम से कम एक बार अपने डॉक्टर से नियमित ब्लड टेस्ट और बॉडी चेकअप करवाएं।

  4. हल्का व्यायाम और योग: डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना 30 मिनट पैदल चलें या हल्का प्राणायाम करें।

  5. इन्फेक्शन से बचाव: जिन लोगों की तिल्ली (Spleen) हटी है, उन्हें भीड़भाड़ वाली जगहों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs – Frequently Asked Questions)

Q1. क्या इंसान बिना दिल (Heart) या दिमाग (Brain) के जीवित रह सकता है?

उत्तर: नहीं, दिल और दिमाग शरीर के सबसे प्राथमिक अंग (Vital Organs) हैं। इनके बिना इंसान एक सेकंड भी जीवित नहीं रह सकता। हालांकि, हार्ट ट्रांसप्लांट या कृत्रिम पेसमेकर/LVAD की मदद से दिल की धड़कन को बनाए रखा जा सकता है।

Q2. क्या एक किडनी दान (Kidney Donate) करने से उम्र कम हो जाती है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। चिकित्सा अनुसंधान से साबित हो चुका है कि एक किडनी दान करने वाले व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) उतनी ही होती है जितनी दो किडनियों वाले सामान्य व्यक्ति की होती है।

Q3. पित्ताशय (Gallbladder) निकलने के बाद खान-पान में क्या परहेज करना चाहिए?

उत्तर: सर्ज के शुरुआती 2 से 3 महीनों तक अत्यधिक वसायुक्त, तला-भुना, बाहर का जंक फूड और भारी डेयरी प्रोडक्ट्स खाने से बचना चाहिए। धीरे-धीरे डॉक्टर की सलाह पर आप सामान्य खाना शुरू कर सकते हैं।

Q4. क्या तिल्ली (Spleen) हटने के बाद इम्युनिटी हमेशा के लिए कमजोर हो जाती है?

उत्तर: तिल्ली हटने के बाद शुरुआत में बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा थोड़ा रहता है, लेकिन लिवर और बोन मैरो जल्द ही इसका काम संभाल लेते हैं। नियमित टीकाकरण (Vaccination) से यह खतरा न के बराबर रह जाता है।

Q5. क्या बिना पेट (Stomach) के इंसान खाना खा सकता है?

उत्तर: हां, पेट हटने (Total Gastrectomy) के बाद भोजन की नली सीधे छोटी आंत से जुड़ जाती है। मरीज को एक बार में बड़ा भोजन करने के बजाय दिन में 6 से 8 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाना पड़ता है।

Q6. क्या थायराइड ग्रंथि निकलने के बाद वजन बढ़ता है?

उत्तर: यदि आप डॉक्टर द्वारा बताई गई थायरोक्सिन (Levothyroxine) दवा का सही डोज नियमित रूप से लेते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म बिल्कुल सामान्य रहेगा और वजन नहीं बढ़ेगा।

Q7. क्या एक फेफड़े (Single Lung) के साथ स्पोर्ट्स या एक्सरसाइज की जा सकती है?

उत्तर: एक फेफड़े वाले व्यक्ति हल्की वॉकिंग, योग और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई ब्रीदिंग एक्सरसाइज आसानी से कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें हैवी वेटलिफ्टिंग या रनिंग जैसे अत्यधिक थकाऊ खेलों से बचना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) की तरक्की और मानव शरीर की अदभुत अनुकूलन क्षमता यह साबित करती है कि कई अंग भले ही हमारे शरीर का अहम हिस्सा हों, लेकिन वे जीवन के अस्तित्व के लिए ‘अनिवार्य’ नहीं हैं। पित्ताशय, तिल्ली, एपेंडिक्स, एक किडनी या थायराइड जैसे अंगों के बिना भी व्यक्ति न केवल जीवित रह सकता है, बल्कि सही देखभाल, अनुशासित जीवनशैली और डॉक्टरी मार्गदर्शन से एक लंबा, खुशहाल और सक्रिय जीवन जी सकता है।

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