राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र है। केंद्र सरकार और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) द्वारा हाल ही में देश के सुनियोजित विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (GK & Competitive Exams) की तैयारी करने वाले छात्रों और आम नागरिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि वर्तमान में **NCR में कितने जिले हैं** और इसका नया नक्शा क्या है।
इस लेख में हम आपको वर्ष 2026 की नवीनतम जानकारी, जिलों की पूरी सूची और नए Regional Plan-2041 के बारे में विस्तार से बताएंगे।
क्या होता है NCR
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर NCR क्या होता है, तो जैसे कि हम जानते हैं कि इसकी फुल फॉर्म National Capital Region यानि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र है। इसमें दिल्ली व इसके पड़ोसी राज्यों के जिलों को भी शामिल किया गया है, जिसमें शहरी और ग्रामिण, दोनों ही क्षेत्र शामिल हैं।
NCR Planning Board (NCRPB) Latest Update 2026: Regional Plan-2041
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं आधिकारिक बैठक में आगामी 20 वर्षों के विकास के लिए “Regional Plan-2041” को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। इस नए मास्टर प्लान के तहत NCR क्षेत्र में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
1. क्षेत्रफल और जिलों में कोई कटौती नहीं: हरियाणा सरकार द्वारा अपने 5 जिलों (करनाल, जींद, पानीपत, महेंद्रगढ़ और भिवानी) को एनसीआर से बाहर करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। वर्तमान में NCR का कुल क्षेत्रफल 55,083 वर्ग किलोमीटर ही रहेगा और इसमें शामिल सभी 35 जिले इसका हिस्सा बने रहेंगे।
2. 4 नई ‘Namo Nodes’ ग्रीनफील्ड सिटी: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 4 नए आधुनिक शहरों (Namo Cities) की स्थापना की जाएगी। यह शहर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹5,000 करोड़ का वित्तीय आवंटन किया गया है।
3. नया प्लानिंग ज़ोनिंग सिस्टम: पूरे एनसीआर को अब मुख्य रूप से तीन जोन में विभाजित किया गया है:
* कोर ज़ोन: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi)।
* सेंट्रल एनसीआर (CNCR): दिल्ली के साथ सटे हुए गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे क्षेत्र।
* हाईवे और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट ज़ोन: KMP और KGP एक्सप्रेसवे के आसपास का विकसित होने वाला क्षेत्र।
NCR Constituent Areas List 2026 (राज्यानुसार जिलों की सूची)
वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत कुल 4 उप-क्षेत्र (Sub-regions) आते हैं, जिनकी विस्तृत सूची नीचे तालिका में दी गई है:
राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | शामिल जिलों की संख्या | एनसीआर में आने वाले जिलों के नाम (Latest 2026)
NCT दिल्ली (Delhi)
11 जिले | नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तर दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, दक्षिण-पूर्व दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, शाहदरा, पूर्व दिल्ली, पश्चिम दिल्ली। |
हरियाणा (Haryana)
14 जिले | गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, पानीपत, करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, नूंह, पलवल, रेवाड़ी। |
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
8 जिले | गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा), मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, शामली। |
राजस्थान (Rajasthan)
2 जिले | अलवर और भरतपुर (नवीनतम जिला पुनर्गठन और सीमांकन के अनुसार)। |
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का महत्व और विकास
एनसीआर को बनाने का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पर जनसंख्या के बढ़ते बोझ को कम करना और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), जैसे मेट्रो कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे અને औद्योगिक गलियारों का समान रूप से विकास करना है। रीजनल प्लान 2041 के लागू होने से आने वाले समय में इन क्षेत्रों में रोजगार, आधुनिक यातायात और बेहतर जीवन स्तर को बढ़ावा मिलेगा।
भारत का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र – एक प्रोफ़ाइल
यह लेख उन लोगों के लिए भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक सिंहावलोकन प्रदान करता है जो वहां रहने और काम करने की संभावना तलाश रहे हैं। यहां प्रस्तुत जानकारी खुले स्रोतों से एकत्र की गई है और यह संपूर्ण नहीं है या कानूनी और पेशेवर सलाह को पूरक या प्रतिस्थापित करने के लिए नहीं है।
परिचय
भारत का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दुनिया के सबसे बड़े शहरी समूहों में से एक है। यह अंतरराज्यीय क्षेत्रीय योजना और विकास का एक अनूठा उदाहरण है, जिसमें संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi), हरियाणा राज्य के 14 जिले, उत्तर प्रदेश राज्य के 8 जिले और राजस्थान राज्य के 2 जिले शामिल हैं। वर्ष 2026 की स्थिति के अनुसार, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा आगामी 20 वर्षों के विकास के लिए “Regional Plan-2041” को मंजूरी दे दी गई है, जिसका लक्ष्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और पूरे एनसीआर को वैश्विक उत्कृष्टता के क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की आर्थिक प्रोफ़ाइल (Economic Profile)
पिछले कुछ दशकों में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों (Economic Hubs) में से एक के रूप में उभरा है। यह क्षेत्र भारत के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 7 से 8 प्रतिशत का महत्वपूर्ण योगदान देता है।
एनसीआर के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शहरों की आर्थिक स्थिति और 2026 की नवीनतम नीतियां नीचे विस्तार से दी गई हैं:
1. दिल्ली (NCT Delhi)
दिल्ली देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक है। दिल्ली सरकार की नवीनतम औद्योगिक नीतियों के अनुसार, अब राजधानी में केवल उच्च तकनीक (High-Tech), प्रदूषण रहित और ज्ञान-आधारित आईटी (IT) व आईटीईएस (ITES) उद्योगों को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। विनिर्माण (Manufacturing) उद्योगों को शहर से बाहर स्थानांतरित किया गया है ताकि आर्थिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण और वायु गुणवत्ता (Air Quality) का संतुलन भी बना रहे। सेवा क्षेत्र (Service Sector) और डिजिटल स्टार्टअप्स के कारण यहाँ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है।
2. गुरुग्राम (Gurugram) – साइबर सिटी
हरियाणा उप-क्षेत्र में स्थित गुरुग्राम को आज वैश्विक स्तर पर “साइबर सिटी” और “मिलिनियम सिटी” के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में गुरुग्राम एशिया के सबसे बड़े स्टार्टअप और कॉर्पोरेट हब के रूप में स्थापित हो चुका है। यह शहर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, ओरेकल, आईबीएम, डेल और एक्सेंचर जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों का घर है। इसके साथ ही, यह मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) जैसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों का प्रमुख विनिर्माण आधार भी है।
3. नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida & Greater Noida)
उत्तर प्रदेश उप-क्षेत्र में स्थित नोएडा व्यापार, वाणिज्य और आधुनिक बुनियादी ढांचे का एक प्रमुख केंद्र है। इसे उत्तर भारत का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर और शिक्षा केंद्र (Education & IT Hub) माना जाता है। यहाँ विश्व स्तरीय एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के विकास ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) को तेजी से आकर्षित किया है। यह देश के सबसे बड़े आईटी आउटसोर्सिंग और डेटा सेंटर (Data Center) हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।
4. गाजियाबाद (Ghaziabad)
गाजियाबाद मुख्य रूप से एक औद्योगिक और विनिर्माण शहर के रूप में जाना जाता है। यहाँ तेल, गैस, कपड़ा, और भारी मशीनरी से जुड़े उद्योग बड़े पैमाने पर कार्यरत हैं। हाल के वर्षों में रैपिड रेल (RAPIDX / RRTS) और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के कारण यहाँ रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी अभूतपूर्व उछाल देखा गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पर्यटन और प्रमुख आकर्षण (Tourism)
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) न केवल एक आर्थिक केंद्र है, बल्कि यह समृद्ध इतिहास, विविध संस्कृति और आधुनिक जीवन शैली का एक अद्भुत संगम भी है। यहाँ के ऐतिहासिक स्मारक, विश्व प्रसिद्ध मंदिर, संग्रहालय और प्राकृतिक स्थल हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
एनसीआर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. दिल्ली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल
दिल्ली का इतिहास सदियों पुराना है, जो इसकी वास्तुकला में साफ झलकता है।
प्रमुख आकर्षण: इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन और संसद भवन जैसे ऐतिहासिक स्थल ब्रिटिश वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण हैं।
राष्ट्रीय स्मारक: नई दिल्ली देश के महान नेताओं के स्मारकों का घर है। राजघाट (महात्मा गांधी), शांति वन (जवाहरलाल नेहरू) और शक्ति स्थल (इंद्रािरा गांधी) जैसे विश्राम स्थल यहाँ स्थित हैं। इसके अलावा तीन मूर्ति भवन (नेहरू मेमोरियल म्यूजियम), गांधी स्मृति और इंदिरा गांधी मेमोरियल भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
अनोखी वास्तुकला: दिल्ली के मंदिर अपनी पारंपरिक और आधुनिक वास्तुकला के लिए जाने जाते हैं। बहाई धर्म के अनुयायियों द्वारा निर्मित ‘लोटस टेम्पल’ (Lotus Temple) अपने खिले हुए कमल के आकार के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
2. गुरुग्राम (Gurugram) के पर्यटन स्थल
आधुनिक गगनचुंबी इमारतों के साथ-साथ गुरुग्राम में प्रकृति और आस्था से जुड़े कई बेहतरीन पर्यटन स्थल मौजूद हैं:
सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य (Sultanpur Bird Sanctuary): यह स्थान पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है। 100 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का घर होने के साथ-साथ यहाँ बर्ड वॉचिंग टावर और एक प्राकृतिक संग्रहालय भी है।
दमदमा झील (Damdama Lake): गुरुग्राम के दक्षिण में स्थित यह झील एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है, जहाँ पर्यटक बोटिंग (नौकायन), रॉक क्लाइंबिंग और हॉट एयर बलून राइड जैसी एडवेंचर गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
शीतला माता मंदिर: यह ऐतिहासिक मंदिर सभी धर्मों और आस्थाओं के श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, जहाँ वर्ष भर भक्तों की भारी भीड़ रहती है।
सिंगापुर और एनसीआर (Singapore and NCR Connections)
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) वैश्विक स्तर पर विदेशी निवेशकों के लिए हमेशा से एक पसंदीदा स्थान रहा है। इसी क्रम में, सिंगापुर की प्रमुख टिकाऊ शहरी और व्यावसायिक अंतरिक्ष समाधान प्रदाता कंपनी, टेमासेक होल्डिंग्स-समर्थित एसेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क गुड़गांव (ITPG) को विकसित किया है।
लगभग 60 एकड़ में फैला यह इंटीग्रेटेड आईटी पार्क अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक आधुनिक बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बन चुका है। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह पार्क लगभग 8 मिलियन वर्ग फुट का कमर्शियल स्पेस प्रदान करता है, जहां 60,000 से अधिक कामकाजी पेशेवरों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) बुनियादी ढांचे के साथ-साथ यहाँ विशाल फूड कोर्ट, बैंकिंग सेवाएं, आधुनिक परिवहन और कवर्ड पार्किंग जैसी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह प्रोजेक्ट सिंगापुर और उत्तर भारत के बीच व्यापारिक संबंधों और आर्थिक विकास का एक शानदार उदाहरण है।
उत्तर प्रदेश के कितने जिले NCR में आते हैं? (UP Districts in NCR 2026)
उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक प्रशासनिक जिलों वाला राज्य होने के साथ-साथ देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था का भी एक बड़ा केंद्र है। जब भी देश में सांस्कृतिक विरासत, अनूठी परंपराओं और समृद्ध इतिहास की बात होती है, तो उत्तर प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है। धर्म, अध्यात्म और पर्यटन के केंद्र के रूप में मशहूर यह राज्य अपनी विविधताओं के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (NCT Delhi) से सटे होने के कारण उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक जिले NCR (National Capital Region) का हिस्सा हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि वर्तमान वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश के कितने और कौन-से जिले एनसीआर के अंतर्गत आते हैं।
एनसीआर (NCR) में शामिल उत्तर प्रदेश के 8 जिलों की सूची:
वर्तमान में उत्तर प्रदेश उप-क्षेत्र (UP Sub-Region) के अंतर्गत आने वाले कुल 8 जिलों को एनसीआर में शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
गाजियाबाद (Ghaziabad)
गौतम बुद्ध नगर – नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Gautam Buddha Nagar – Noida)
मेरठ (Meerut)
बुलंदशहर (Bulandshahr)
बागपत (Baghpat)
हापुड़ (Hapur)
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar)
शामली (Shamli)
इन सभी जिलों में रैपिड रेल (RRTS), नए एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने से बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे ये क्षेत्र देश के बड़े औद्योगिक और आवासीय हब बन चुके हैं।
दिल्ली का इतिहास

दिल्ली का इतिहास ईसा पूर्व छठवीं शताब्दी से भी पुराना माना जाता है। यहाँ पर इतिहास में अलग-अलग कई राजवंशों का शासन रहा, जिसमें मुख्य रूप से खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश, लोधी वंश और अंत में मुगलों ने राज किया। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, अपने उतार-चढ़ाव भरे इतिहास में दिल्ली सात बार उजड़ी और सात बार इसे दोबारा बसाया गया।
दिल्ली नाम पड़ने का इतिहास
पृथ्वीराज रासो के अनुसार: चंदरबरदाई की प्रसिद्ध रचना ‘पृथ्वीराज रासो’ में तोमर वंश के राजा अनंगपाल को दिल्ली का संस्थापक बताया गया है। दिल्ली में तोमर वंश का शासनकाल 900 से 1200 ईसवी तक माना जाता है।
शिलालेखों में उल्लेख: दिल्ली या ‘दिल्लिका’ शब्द का सबसे पहला लिखित प्रयोग उदयपुर से प्राप्त शिलालेखों में मिला है, जो कि 1170 ईसवी के आसपास के माने जाते हैं।
दहलीज शब्द से उत्पत्ति: कुछ इतिहासकारों का मानना है कि दिल्ली शब्द ‘दहलीज’ से बना है, जिसका अर्थ चौखट होता है। इसे सिंधु-गंगा समभूमि के प्रवेश द्वार (Gateway) के तौर पर देखा जाता था।
राजा ढिल्लू की कहानी: कुछ मान्यताओं के मुताबिक, दिल्ली का नाम राजा ढिल्लू के नाम पर ‘दिल्हीका’ (800 ई.पू.) पड़ा। यह मध्यकाल का पहला बसाया हुआ शहर था, जो वर्तमान में महरौली के पास स्थित था। 12वीं शताब्दी में राजा अनंगपाल तोमर ने यहीं स्थित लालकोट से अपना शासन चलाया था, जिसके अवशेष आज भी महरौली में देखे जा सकते हैं।
NCR का फुल फार्म क्या है
NCR का फुल फॉर्म National Capital Region है, जिसे हिंदी में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र कहा जाता है। इसमें देश की राजधानी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण शहरों और जिलों को शामिल किया गया है। दिल्ली से कई सौ किलोमीटर दूर तक एनसीआर का विस्तार है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के नियमों के अनुसार, दिल्ली (NCT) के अलावा इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुल 24 जिलों को शामिल किया गया है।
NCR बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य
आमतौर पर रोजगार, बेहतर शिक्षा और व्यवसाय की तलाश में लोग देश के बड़े महानगरों का रुख करते हैं। दिल्ली के साथ भी पिछले कई दशकों से यही होता आ रहा था। आजीविका के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली में आकर बसने लगे। इस अत्यधिक प्रवासन के कारण दिल्ली के स्थायी निवासियों को आवास, पानी, बिजली, यातायात और काम जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा था।
दिल्ली में लगातार बढ़ती आबादी के दबाव को नियंत्रित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए वर्ष 1962 में दिल्ली के पहले मास्टर प्लान में एक खास सिफारिश की गई थी। इसके तहत दिल्ली के आसपास के सीमावर्ती शहरों को मिलाकर एक महानगरीय क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई, जिसे आज हम NCR के नाम से जानते हैं।
इसके बाद, वर्ष 1985 में संसदीय अधिनियम के तहत नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) का गठन किया गया। इसका मुख्य कार्य इन क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे का सुनियोजित विकास करना है, ताकि दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों का विकास अव्यवस्थित ढंग से न हो।
एनसीआर (NCR) में शामिल होने के फायदे
तेजी से बुनियादी विकास: एनसीआर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का विकास अन्य सामान्य जिलों की तुलना में बहुत तेजी से होता है।
बेहतरीन कनेक्टिविटी: यहाँ विश्व स्तरीय एक्सप्रेसवे, हाईवे और मेट्रो (जैसे दिल्ली मेट्रो और रैपिड रेल/RRTS) की सुविधाएं प्राथमिकता पर विकसित की जाती हैं।
रोजगार के बड़े अवसर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) और औद्योगिक हब के कारण यहाँ युवाओं के लिए नौकरी और व्यवसाय के बेहतरीन अवसर पैदा होते हैं।
आधुनिक स्वास्थ्य और शिक्षा: इस क्षेत्र में विश्व स्तरीय अस्पताल, विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान तेजी से खुलते हैं, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलता है।
पुरानी दिल्ली का निर्माण कैसे हुआ?

मध्यकाल में इस शहर का सामरिक और राजनीतिक महत्व तब और ज्यादा बढ़ गया जब विदेशी शासकों ने दिल्ली को अपनी सल्तनत की राजधानी बनाया। मुगलों के शासनकाल में इस शहर को न केवल बड़ा और समृद्ध बनाया गया, बल्कि लाल किला और जामा मस्जिद जैसी भव्य ऐतिहासिक इमारतों के जरिए इसे एक नई वैश्विक पहचान भी दी गई। 18वीं सदी तक आते-आते दिल्ली एक प्रमुख सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और व्यापारिक केंद्र बन चुका था। आज इसी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत वाले क्षेत्र को मुख्य रूप से पुरानी दिल्ली (Old Delhi) के नाम से जाना जाता है।
नई दिल्ली का विकास
20वीं सदी की शुरुआत में जब अंग्रेजों ने भारत की राजधानी को कलकत्ता (अब कोलकाता) से दिल्ली स्थानांतरित किया, तब प्रशासनिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एक पूरी तरह से नियोजित शहर (Planned City) के रूप में ‘नई दिल्ली’ को बसाया गया। इस नए शहर के मुख्य आकर्षणों में कनॉट प्लेस (Connaught Place), संसद भवन, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन और लोधी गार्डन शामिल थे। यहाँ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इसके आसपास ही रिहायशी इलाके विकसित किए गए और धीरे-धीरे इस पूरे क्षेत्र का विस्तार होने लगा।
आजादी के बाद दिल्ली का विस्तार और एनसीआर की शुरुआत
पड़ोसी राज्यों का जुड़ाव: आजादी के बाद दिल्ली को एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) का दर्जा दिया गया, जिसके सीमावर्ती इलाके हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों से जुड़े हुए थे। समय के साथ दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई और इसके आसपास के इलाके दिल्ली से बेहद करीब से जुड़ गए।
दिल्ली प्रशासन और पड़ोसी राज्यों का सहयोग: खुद दिल्ली के प्रशासन और पड़ोसी राज्यों ने मिलकर इन क्षेत्रों के सुनियोजित विकास में बड़ी भूमिका निभाई।
नोएडा का उदाहरण: इसका सबसे बड़ा उदाहरण ‘नोएडा’ है। दिल्ली में जहां ‘ओखला औद्योगिक क्षेत्र’ (Okhla Industrial Area) है, वहीं इसके विस्तार के रूप में उत्तर प्रदेश में New Okhla Industrial Development Authority यानी NOIDA की स्थापना की गई।
दैनिक आवागमन (Daily Commuting): इसी तरह बेहतर रोजगार और व्यवसाय के चलते गुरुग्राम (गुड़गांव) और गाजियाबाद के लाखों लोगों का दिल्ली में रोजाना आना-जाना होने लगा। इस प्रकार, दिल्ली के साथ पूरी तरह से एकीकृत (Integrate) हो जाने के कारण ये सभी सीमावर्ती क्षेत्र मिलकर नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) कहलाने लगे।
FAQ: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1: वर्ष 2026 में NCR में कुल कितने जिले शामिल हैं?
उत्तर: वर्तमान में दिल्ली के 11 जिलों के अलावा हरियाणा के 14, उत्तर प्रदेश के 8 और राजस्थान के 2 जिलों को मिलाकर कुल 35 जिले NCR के अंतर्गत आते हैं।
प्रश्न 2: क्या हरियाणा के कुछ जिलों को NCR से बाहर कर दिया गया है?
उत्तर: नहीं, साल 2026 में हुई NCRPB की बैठक में हरियाणा के जिलों को बाहर करने की मांग को खारिज कर दिया गया है, सभी 14 जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे।
प्रश्न 3: एनसीआर का कुल क्षेत्रफल कितना है?
उत्तर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का कुल क्षेत्रफल 55,083 वर्ग किलोमीटर है।
प्रश्न 4: एनसीआर रीजनल प्लान 2041 (Regional Plan 2041) क्या है?
उत्तर: यह अगले 20 वर्षों के लिए एनसीआर के सुनियोजित विकास, ट्रैफिक कंट्रोल, और नए ‘नमो नोड्स’ शहरों को बसाने का एक मास्टर प्लान है जिसे 2026 में मंजूरी मिली है।

