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TRP क्या है और इसकी गणना कैसे होती है? जानिए TV Rating की पूरी सच्चाई

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क्या आपने कभी सोचा है कि आपका पसंदीदा टीवी शो (जैसे ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ या ‘अनुपमा’) रातों-रात बंद क्यों हो जाता है? या फिर न्यूज़ चैनल अचानक किसी एक ही खबर को दिनभर क्यों दिखाते रहते हैं?

इन सभी सवालों के पीछे सिर्फ एक ही सबसे बड़ा कारण है — TRP (Target Rating Point या Television Rating Point)

भारतीय टेलीविजन उद्योग (Indian Television Industry) अरबों रुपये का कारोबार है, और इस पूरे साम्राज्य की धुरी TRP के इर्द-गिर्द ही घूमती है। जिस चैनल की TRP ज्यादा होगी, उसकी कमाई करोड़ों में होगी और जिसकी TRP गिर जाएगी, वह चैनल बंद होने की कगार पर पहुंच जाएगा।

इस विस्तृत लेख में हम समझेंगे कि TRP क्या है (What is TRP in Hindi), TRP की गणना कैसे की जाती है, भारत में कौन सी एजेंसी TRP नापती है, और इसका टीवी चैनलों की कमाई से क्या सीधा संबंध है।

TRP का फुल फॉर्म क्या है? (TRP Full Form in Hindi)

TRP का फुल फॉर्म Target Rating Point होता है। हालांकि, आम बोलचाल और जनसंचार (Mass Communication) की भाषा में इसे Television Rating Point भी कहा जाता है।

  • T – Target (लक्ष्य) / Television

  • R – Rating (रेटिंग)

  • P – Point (पॉइंट)

आसान शब्दों में कहें तो TRP एक ऐसा पैमाना या इंडेक्स (Index) है, जो यह दर्शाता है कि कौन सा टीवी चैनल या कौन सा टीवी प्रोग्राम (Show) दर्शकों द्वारा कितना ज्यादा और कितनी देर तक देखा जा रहा है।

TRP क्या होती है? (What is TRP in Easy Language)

TRP एक ऐसा टूल या आंकड़ा है जो मीडिया एजेंसियों, विज्ञापनदाताओं (Advertisers) और टीवी चैनलों को यह बताता है कि किसी विशेष समय पर किसी विशेष चैनल को कितने लोग देख रहे हैं।

एक सरल उदाहरण से समझें:

मान लीजिए कि किसी शहर में 100 घर ऐसे हैं जहां टीवी पर धारावाहिक (Serials) देखे जाते हैं। यदि किसी शाम 8:00 बजे 100 में से 30 घरों में एक ही न्यूज़ चैनल या सीरियल चल रहा है, तो उस समय उस शो की TRP 30% (या 3.0 rating) मानी जाएगी।

TRP से यह स्पष्ट होता है कि:

  1. कौन सा शो दर्शकों के बीच सबसे लोकप्रिय (Popular) है।

  2. दर्शक किस समय किस चैनल पर सबसे ज्यादा समय बिता रहे हैं।

  3. कौन सा शो दर्शकों को बोर कर रहा है और उसकी दर्शक संख्या घट रही है।

भारत में TRP कौन मापता है? (Who Measures TRP in India?)

भारत में TRP मापने का आधिकारिक कार्य BARC India करती है।

  • BARC का फुल फॉर्म: Broadcast Audience Research Council India (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया)।

  • स्थापना: इसकी स्थापना 2010 में हुई थी, और इसने 2015 से भारत में टीवी व्यूअरशिप (Viewership) डेटा का प्रबंधन पूरी तरह से संभाल लिया था।

  • निगरानी संस्था: BARC भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) और TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के दिशानिर्देशों के तहत काम करती है।

BARC से पहले भारत में TRP नापने का काम INTAM (Indian Television Audience Measurement) नाम की एजेंसी करती थी, लेकिन निष्पक्षता और आधुनिक तकनीक की कमी के कारण BARC को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

TRP की गणना कैसे की जाती है? (How TRP is Calculated in India)

कई लोगों को लगता है कि सेट-टॉप बॉक्स (Set-Top Box) या टीवी निर्माता कंपनियां सीधे उनके टीवी से डेटा चुराती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। भारत के लगभग 90 करोड़ से अधिक टीवी दर्शकों में से हर एक के घर में जाकर रेटिंग नापना व्यावहारिक रूप से असंभव है।

इसलिए BARC एक वैज्ञानिक तकनीक यानी सैंपलिंग मेथड (Sampling Method) का उपयोग करता है।

1. बार-ओ-मीटर / पीपल्स मीटर (Bar-O-Meter / People Meter)

BARC ने पूरे भारत के शहरी (Urban) और ग्रामीण (Rural) इलाकों में लगभग 50,000 से 55,000 चुनिंदा घरों में एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाया है। इस उपकरण को Bar-O-Meter या People Meter कहा जाता है।

  • सैंपलिंग का तरीका: ये 50,000+ घर भारत की विविध जनसंख्या (अलग-अलग भाषा, आय वर्ग, आयु और क्षेत्र) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

  • रिमोट कंट्रोल कंट्रोल: घर के प्रत्येक सदस्य को पीपल्स मीटर से जुड़े रिमोट में एक विशिष्ट आईडी/बटन आवंटित किया जाता है। जब भी परिवार का कोई सदस्य टीवी देखना शुरू करता है, तो उसे अपना आईडी बटन दबाना होता है।

2. वाटरमार्किंग टेक्नोलॉजी (Audio Watermarking Technology)

BARC टीवी चैनलों के ऑडियो सिग्नल में एक विशेष ऑडियो वाटरमार्क (Audio Watermark) एम्बेड (Embed) करता है। यह वाटरमार्क इंसानी कानों को सुनाई नहीं देता, लेकिन टीवी से जुड़े ‘Bar-O-Meter’ इसे तुरंत पहचान लेते हैं।

जब टीवी चलता है, तो मीटर यह रिकॉर्ड कर लेता है कि:

  • किस चैनल को देखा जा रहा है?

  • किस शो को देखा जा रहा है?

  • दर्शक ने उस चैनल पर कितना समय बिताया (Duration)?

3. डेटा ट्रांसमिशन और सर्वर प्रोसेसिंग

रात के समय, जब टीवी बंद होता है, तो यह ‘Bar-O-Meter’ सेलुलर नेटवर्क (SIM Card) के माध्यम से एकत्रित डेटा को BARC के केंद्रीय सर्वर (Central Server) पर सुरक्षित रूप से भेज देता है।

4. अंतिम TRP की गणना (Final TRP Calculation Formula)

BARC का सर्वर इस बड़े डेटा का विश्लेषण करता है और आंकड़े तैयार करता है।

$$\text{TRP (\%)} = \left( \frac{\text{किसी विशेष शो को देखने वाले दर्शकों की संख्या}}{\text{कुल लक्षित दर्शकों की संख्या (Target Audience)}} \right) \times 100$$

साप्ताहिक परिणाम: BARC हर हफ्ते (आमतौर पर गुरुवार को) टीवी चैनलों और शो की साप्ताहिक रेटिंग जारी करता है, जिसे BARC Weekly Data कहा जाता है।

टीवी चैनलों के लिए TRP का महत्व क्या है? (Why TRP is Important)

साधारण दर्शकों के लिए TRP केवल एक आंकड़ा हो सकती है, लेकिन टीवी चैनलों के मालिकों के लिए यह जीवन-मरण का सवाल है। TRP का सीधा संबंध पैसा (Revenue) से है।

1. विज्ञापनों से कमाई (Advertising Revenue)

हम जो टीवी चैनल मुफ्त (Free-to-Air) या कम पैसों में देखते हैं, वे मुख्य रूप से विज्ञापन (Advertisements) से कमाई करते हैं।

  • कंपनियां (जैसे HUL, Dabur, Samsung, Amazon) अपना विज्ञापन उसी चैनल को देना चाहती हैं जिसकी TRP सबसे ज्यादा हो।

  • रेट कार्ड निर्धारण: उच्च TRP वाले चैनलों का विज्ञापन रेट (10 सेकंड के स्लॉट का मूल्य) लाखों रुपये में होता है। कम TRP वाले चैनलों को विज्ञापनदाताओं से बहुत कम दरें मिलती हैं।

TRP स्थितिचैनल की स्थिति10 सेकंड विज्ञापन का अनुमानित रेट
उच्च (High TRP)नंबर 1 या नंबर 2 चैनल₹50,000 से ₹2,000,000+
औसत (Medium TRP)मध्यम लोकप्रिय चैनल₹10,000 से ₹40,000
निम्न (Low TRP)कम देखा जाने वाला चैनल₹1,000 से ₹5,000

2. शो का भविष्य (Show Continuation or Cancellation)

यदि किसी नए सीरियल या प्राइम-टाइम शो की TRP लगातार 4-6 हफ्तों तक गिरती रहती है, तो प्रोडक्शन हाउस और चैनल उस शो की कहानी को जल्दी खत्म करके उसे ऑफ-एयर (Off-Air) कर देते हैं।

3. टीआरपी का पत्रकारिता और कंटेंट पर प्रभाव

न्यूज़ चैनलों में अक्सर ‘सनसनीखेज’ (Sensational) खबरें, डिबेट और अंधविश्वास से जुड़े शो इसीलिए दिखाए जाते हैं क्योंकि आम जनता उन्हें ज्यादा देखती है, जिससे चैनल की TRP बढ़ती है।

TRP बनाम GRP में क्या अंतर है? (Difference Between TRP and GRP)

बहुत से लोग TRP और GRP को एक ही मान लेते हैं, लेकिन दोनों में तकनीकी अंतर है:

  • TRP (Target Rating Point): यह किसी विशिष्ट दर्शक समूह (Target Audience) पर आधारित होता है। जैसे – 18-35 वर्ष के युवा या केवल शहरी महिलाएं।

  • GRP (Gross Rating Point): यह बिना किसी जनसांख्यिकी (Demographics) भेद के, कुल दर्शकों (Overall Gross Audience) की कुल रेटिंग का योग होता है।

TRP घोटाला / स्कैम क्या है? (What is TRP Scam?)

वर्ष 2020 में भारत में एक बहुत बड़ा TRP Scam उजागर हुआ था, जिसने टीवी रेटिंग प्रणाली की कमजोरियों को दुनिया के सामने ला दिया।

घोटाला कैसे हुआ था?

कुछ चैनलों ने उन परिवारों को रिश्वत (हर महीने ₹400 – ₹500 रुपये) दी, जिनके घरों में BARC के ‘Bar-O-Meter’ लगे हुए थे। उन परिवारों से कहा गया कि वे दिन-रात अपने टीवी पर एक ही विशिष्ट चैनल चालू रखें, भले ही वे उसे देख रहे हों या नहीं।

इसके परिणामस्वरूप, जिन चैनलों की वास्तविक दर्शक संख्या बहुत कम थी, उनकी TRP अचानक आसमान छूने लगी और उन्होंने विज्ञापनदाताओं से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।

घोटाले के बाद BARC द्वारा किए गए सुधार:

  1. गोपनीयता (Confidentiality): मीटर किन घरों में लगे हैं, इसकी जानकारी को और अधिक गुप्त बनाया गया।

  2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI & Analytics): अगर कोई घर लगातार 24 घंटे एक ही चैनल चालू रखता है, तो सिस्टम स्वतः ही उस डेटा को ‘असामान्य (Outlier)’ मानकर खारिज कर देता है।

  3. पारदर्शिता बढ़ाना: TRAI और BARC ने डेटा सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए।

OTT ऐप्स के ज़माने में TRP की प्रासंगिकता (TRP vs Digital Streaming)

आज के समय में Netflix, Amazon Prime, Disney+ Hotstar, YouTube, JioCinema जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स की वजह से लोग टीवी कम और स्मार्टफोन पर कंटेंट ज्यादा देख रहे हैं।

  • डिजिटल मीडिया में क्या होता है? OTT पर TRP की जरूरत नहीं होती। वहां Views, Watch Time, Impression और Clicks का सटीक डेटा रियल-टाइम में मिल जाता है।

  • भविष्य की चुनौती: BARC अब टीवी और डिजिटल दोनों के मिले-जुले डेटा को नापने के लिए नए Connected TV (CTV) और डिजिटल रेटिंग फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions – FAQs)

Q1. क्या आम इंसान अपने घर में TRP मीटर लगवा सकता है?

उत्तर: नहीं। आम नागरिक अपनी मर्जी से BARC मीटर नहीं लगवा सकते। BARC एक बेहद गोपनीय प्रक्रिया के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से यादृच्छिक (Randomly) परिवारों का चयन करता है।

Q2. भारत में सबसे ज्यादा TRP वाला शो कौन सा है?

उत्तर: भारत में खेल आयोजनों जैसे IPL (Indian Premier League) और ICC क्रिकेट विश्व कप मैचों की TRP सबसे अधिक होती है। मनोरंजक धारावाहिकों में ‘अनुपमा’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अक्सर टॉप TRP में रहते हैं।

Q3. TRP की गणना कितने दिनों में होती है?

उत्तर: BARC रोजाना 24 घंटे डेटा इकट्ठा करता है और हर हफ्ते (Weekly) गुरुवार को पिछले सप्ताह की TRP रेटिंग जारी करता है।

Q4. क्या डीडी नेशनल (Doordarshan) की भी TRP होती है?

उत्तर: हां, डीडी नेशनल और डीडी न्यूज सहित सभी सरकारी व निजी चैनलों की TRP नापी जाती है।

Q5. अगर किसी चैनल की TRP शून्य हो जाए तो क्या होगा?

उत्तर: यदि किसी चैनल की TRP लगातार शून्य या बहुत कम रहती है, तो विज्ञापनदाता उस पर विज्ञापन देना बंद कर देते हैं। बिना कमाई के चैनल को चलाना असंभव हो जाता है और अंततः चैनल बंद हो जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

TRP (Television Rating Point) केवल टीवी शो की लोकप्रियता का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरे ब्रॉडकास्टिंग उद्योग की रीढ़ की हड्डी (Backbone) है। यह तय करता है कि आपको टीवी पर क्या दिखाया जाएगा, कौन सा सीरियल आगे चलेगा और न्यूज़ चैनल किस खबर को प्राथमिकता देंगे।

हालांकि डिजिटल मीडिया और OTT के आने से पारंपरिक TV रेटिंग्स के सामने चुनौतियां आई हैं, लेकिन भारत जैसे विशाल देश में आज भी बड़े पैमाने पर टेलीविजन देखा जाता है और TRP का वर्चस्व कायम है।

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